धान की नर्सरी में पीलापन | Dhan Ki Nursery Mein Pilapan Kaise Dur Kare

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 धान की नर्सरी में किसान भाइयों अनेक रोगों और कीटों का प्रकोप देखने को मिलता है | जब यह रोग और कीट अगर नर्सरी से मैन खेत में पहुंच जाते हैं | 


तो यह रोग और कीट धान की फसल को व धान की नर्सरी को बहुत हानि पहुंचाते हैं | तो आज के आर्टिकल में हम धान की नर्सरी में पीलापन कैसे दूर करें और यह पीलापन क्यों आता हैं | इसके बारे में जानने वाले हैं |

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 धान की नर्सरी में पीलापन (Yellow disease in paddy nursery in Hindi) 



    यह रोग से जब हमारी धान की नर्सरी रोगग्रस्त हो जाती हैं | तो अच्छे से धान की नर्सरी में कल्लों का फुटाव व ग्रोथ भी नहीं हो पाती हैं | तो हमें धान की नर्सरी डालते समय अच्छे से सन्तुलित मात्रा में पौषक तत्वों को डालकर तथा बीज का  बीज उपचार अवश्य करना चाहिए |


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     धान की नर्सरी में पीलापन के कारण (Causes of   yellowing in paddy nursery )  


    धान की नर्सरी में पीलापन आने के निम्नलिखित कारण होते हैं जैसे -

    1. धान की नर्सरी में पीलापन पौषक तत्वों की कमी के कारण |
    2. धान की नर्सरी में पीलापन फफूंदी जनित रोगों के कारण |
    3. धान की नर्सरी में पीलापन कीटों के कारण |
    4. धान की नर्सरी में अधिक दिन तक लगातार पानी भरा रखने के कारण |


     धान की नर्सरी में पीलापन कैसे दूर करें (Dhan Ki  Nursery Mein Pilapan Kaise Dur Kare) 


    धान की नर्सरी में पीलापन हटाने के कारणों को निम्न तरीकों से दूर कर सकते हैं | जैसे -

    A.धान की नर्सरी में पीलापन पौषक तत्वों की कमी के कारण 


    जब धान की नर्सरी में पीलापन पौषक तत्वों की कमी के कारण दिखाई देता है  | तो हमें अपनी धान की नर्सरी में पोषक तत्वों की पूर्ति करता चाहिए | धान की नर्सरी में पौषक तत्वों की कमी की पूर्ति के लिए माइक्रोन्युट्रेन्स सल्फर 5-6kg प्रति एकड़ यूरिया में मिलाकर प्रयोग करना चाहिए | 


    धान की नर्सरी में खैरा रोग जिंक की कमी के कारण दिखाई देता हैं |  तो हमें खैरा रोग से धान की नर्सरी बचाने के लिए ज़िंक का उपयोग 10kg प्रति एकड़ यूरिया के साथ मिलाकर प्रयोग करना चाहिए |


    यह भी पढ़ें -धान का बीज उपचार कैसे करें


     B.धान की नर्सरी में पीलापन फफूंदी जनित रोग के  कारण 


    धान की नर्सरी में पीलापन फफूंदी जनित रोगों के कारण भी देखने को मिलता है | जैसे-लीफ ब्लाईट, शीथ ब्लाइट,बकानी रोग इन रोगों में धान की नर्सरी के पौधों की पत्तियों का रंग पीला-कत्थाई रंग दिखाई देता हैं | इस तरह के पीलापन को रोकने के लिए समय समय पर फफूंदीनाशक दवाओं जैसे हेक्साक्लोनाजोल 5% SC 300-400ml प्रति एकड़ का धान की नर्सरी पर स्प्रे करते रहे |


    C.धान की नर्सरी में पीलापन कीटों के कारण 


    धान की नर्सरी में पीलापन कीटों के कारण भी देखने को मिलता है | जैसे BPH(भूरा फुदका) कीट जब लग जाता हैं तो यह कीट धान की नर्सरी के पौधों से रस चूसते रहते हैं जिसके कारण भी धान की नर्सरी तथा धान की फसल पीली पड़ जाती है | तो इस कीटों की रोकथाम के लिए इमीडाक्लोरोप्रिड़ 30.5 % SC 50-60ml प्रति एकड़ समय समय पर कीटनाशक का स्प्रे करते रहे |


     D.धान की नर्सरी में अधिक दिनों तक लगातार पानी भरा रखने के कारण 


    धान की नर्सरी में अगर अधिक दिनों तक लगातार पानी भरा रहने से भी पीलापन आ जाता हैं | क्योंकि धान के पौधों की जड़ को अच्छे से फैलने के लिए रंधाकाश नहीं मिल पाता हैं | जिससे भी धान की नर्सरी में पीलापन दिखाई देता हैं | तो यह धान रखें की उचित जल निकास वाली जगह पर ही धान की नर्सरी डालें |


     अधिक जानकारी हेतु यह वीडियो देखें. 


     


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    FAQ  


     Q.1. धान की नर्सरी में कौन सी खाद डालें ? 


    Ans. धान की नर्सरी की अच्छी बढ़वार और जल्दी तैयार करने के लिए खेत की तैयारी करते समय गोबर की सड़ी हुई खाद 5-6 टन प्रति एकड़ अवश्य डालें | धान की नर्सरी डालते समय नाइट्रोजन 60kg प्रति एकड़, फास्फोरस 30kg प्रति एकड़ और पोटाश 40kg प्रति एकड़ प्रयोग करें |


     Q.2.धान की नर्सरी में खाद कब डालें ? 


    Ans. धान की नर्सरी की अच्छी बढ़वार के लिए पहली खाद 7-8 दिन की अवस्था पर डालना चाहिए इस समय नाइट्रोजन 50 किलोग्राम प्रति एकड़, जिंक सल्फेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ और किसी अच्छी कम्पनी की जाईम साथ में मिलाकर प्रयोग करना चाहिए |


     Q.3.धान की पौध पीली पड़ने का क्या कारण है ? 


    Ans.धान की पौध पीली पड़ने के निम्नलिखित कारण होते हैं -

    1. नाइट्रोजन की कमी के कारण |
    2. आयरन की कमी के कारण पीलापन |
    3. सल्फर की कमी के कारण पीलापन |
    4. जिंक सल्फेट की कमी के कारण पीलापन |
    5. कीटों व फफूंदी के कारण पीलापन |



     Q.4.धान के लिए सबसे अच्छा कीटनाशक कौन सा है ? 

    Ans.धान के लिए सबसे अच्छा कीटनाशक फाटेरा हैं | जिसको धान की रोपाई के 15-20 दिन बाद 4 किलोग्राम प्रति एकड़ प्रयोग करना चाहिए | यह हमारे धान में लम्बे समय तक तना छेदक तथा पत्ती लपेटक को नहीं लगने देता हैं |


     Q.5.मेरे धान के पत्ते पीले हो रहे हैं ? 

    Ans. अगर आप के धान के पत्ते पीले पड़ रहे हैं तो ज़िंक सल्फेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ यूरिया के साथ मिलाकर प्रयोग करना चाहिए | जिससे धान की नर्सरी व धान की फसल का पीलापन दूर हो जायेगा |

     Q.6.धान की पौध पीली पड़ रही है क्या करें ? 


    Ans. अगर धान की पौध की पत्तियां पीली पड़ रही हैं तो इस पीलापन को दूर करने के लिए ज़िंक सल्फेट 33% 10 किलोग्राम प्रति एकड़ और यूरिया 40-50 किलोग्राम प्रति एकड़ साथ में मिलाकर प्रयोग करना चाहिए | इस के 8-10 दिन बाद फेरस सल्फेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ यूरिया के साथ मिलाकर डालें |

     निष्कर्ष (Conclusion) 


     किसान भाइयों आप अपनी धान की नर्सरी में पीलापन ऐसे दूर कर सकते हैं आप अच्छी तरह से समझ गये होगें | अगर यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो शेयर करें और अधिक जानकारी हेतु कमेंट अवश्य करें |



     यह भी पढ़ें:- 


    1. धान की टॉप बैरायटी

    2.धान में सरसों की खली कैसे प्रयोग करें

    3.धान में कल्लों की संख्या बढ़ाने के देशी तरीके 



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